मर्द औरत की नमाज़ का फ़र्क़

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



*🥀 मर्द औरत की नमाज़ का फ़र्क़ 🥀*



_*💓जरूरी तम्बीह और मसाइल*_
*📖मस'अला::-* औरत भी खड़ी होकर ही नमाज़ पढे जिन नमाज़ों में यानी फ़र्ज वाजीब और सुन्नते मोअकैदा में मर्दो पर क़याम फ़र्ज है उन नमाज़ों में औरतो पर भी क़याम फ़र्ज है अगर बिला उज़्र शरई उन नमाज़ों को बैठ कर पढेगी तो नमज़ नही होगी 

*📖मसअला::-* तमाम रकअते खड़ी होकर पढे एक रकअत खड़ी होकर और बाकी रकअत बैठ कर पढ़ेगी तो उन रकअतो में क़याम का फर्ज तर्क होगा लिहाजा नमाज़ न होगी 

👉🏻 *नोट ::-* हमारी कुछ कम इल्म मा बहेने फ़र्ज वाजिब और सुन्नते मोअकैदा नमाज़ में भी तमाम या बाज कुछ रकअते बैठ कर पढती है उनकी नमाज़ नही होती लिहाजा ऐसी नमाज़ की क़ज़ा करे और आइन्दा के लिये तौबा करे और हमेशा खड़े होकर लाज़मी तौर पर नमाज़ पढ़ने की आदत डालें 

📃शरई उज़्र के बगैर बैठ कर नमाज़ पढना जाइज़ नही क़याम यानी खड़े होकर नमाज़ पढ़ने के मुतअल्लिक़ जो अहेकाम मर्दो के लिये है वोह तमाम अहेकाम औरतो पर भी लाजमी है नफल नमाज़ बगैर किसी उज़्र के भी बैठ कर पढ़ सकती है

*(📚मोमिन की नमाज़)*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/ERGah4bKksUIHdlxfhJuBz

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

क़ब्र को रौनक बख्शने और इसे आराम देह बनाने वाले आमाल

जानदार बदनकी आफ्ते

क़यामत आने की निशानियाँ अश्लीलता (बेहयाई) का फैलाव