सलाम की जगह गाली
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
*🥀 सलाम की जगह गाली 🥀*
📌मुसलमानों को फहश व मुंकिरात और बुरी बातों से एहतराज व इज्तिनाब करना लाज़िम है,
गाली गलोच वगैरह से ज़बान को रोकना ज़रूरी है हदीस पाक में है कि मुसलमान को गाली देना गुनाहे कबीरा है, मगर आज कल लोग आम बोल चाल में गालियाँ बकते और उन्हें बुरा नहीं समझते हैं गाली तो किसी का सुखने तकिया और किसी के मुहावरे में आ चुकी है खुदारा इन बुराइयों से जबान को आलूदा करने से बचना चाहिए, *आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा बरैलवी इरशाद फरमाते हैं....*
📜रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया एक वह जमाना आने वाला है कि लोगों में उनकी तहीयत की जगह *गाली होगी,* मैंने खुद अपनी आंखों से देखा और कानों से सुना, सलाम की जगह गाली बकते हुए।
*(📚अल-मल्फूज चहारुम-सफ़ह,17)*
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/ERGah4bKksUIHdlxfhJuBz
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें